आँखों के सामने तैरती वो चीज़े क्या होती हैं? Eye Floaters In Hindi
आँखों के सामने तैरती वो चीज़े क्या होती हैं? Eye Floaters In Hindi
Eye Floaters…..क्या आप जानते हैं इनके बारे में? चलिए याद दिलाता हूँ. आपने अपनी नज़र के सामने कुछ अजीबोगरीब चीज़े (Floating Things in The Eyes) तैरती तो देखि ही होगी. खास कर के नीले आसमान की तरफ देखते वक़्त. कुछ गोलाकार तो कुछ छोटी छोटी स्ट्रिंग के जैसी. या फिर किसी कीड़े की तरह या किसी पारदर्शी बल्ब की तरह. और जब भी आप उनकी तरफ फोकस करते होंगे तो वह गायब हो जाती हैं या फिर अपनी जगह से हट जाती हैं. आपकी पलक जपकने पर भी वे गायब हो जाती हैं. लेकिन उन पर आप कंसन्ट्रेट नहीं कर पाते हैं. सही कहाँ ना. कुछ याद आया?
जी हाँ, ऐसी चीज़े जो आप देखते हैं, जो हर वक़्त आपकी आँखों के सामने नाचती रहती हैं, उन्हें Eye Floater (फ्लोटर) कहाँ जाता हैं. वैसे ये कोई चीज़े नहीं हैं और नाही आसमान में या आपके आसपास उड़ते कोई गोले हैं. यह चीजे वास्तव में आपकी आँख के नेत्रगोलक के अंदर मौजूद होती हैं. यह फ्लोटर भले ही आपको जिंदा या अपना आकार बदलनेवाले लगते हो, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हैं.
फ्लोटर वो चीज़े हैं जो आपकी आँख की रेटिना(आपकी आंख के पीछे वाला प्रकाश के प्रति संवेदनशील ऊतक) पर छाया डालते हैं. वे ऊतक के टुकड़े, लाल रक्त कोशिकाए या प्रोटीन के झुरमुटे होते हैं. यह फ्लोटर्स आपकी आँखों के आंदोलनों के साथ-साथ एक तरल जेल या चिपचिपे प्रवाही की तरह बहते हैं और छोटे छोटे उछाल करने लगते हैं. इनकी परछाई आपके रेटिना पर पड़ती हैं. अपनी आँखे बंद करने पर आप ज्यादातर इन्हें ही देखते हैं. यह जितने आपके रेटिना के नजदीक होते हैं उतने ही यह आपके लिए अधिक दृष्टिगोचर होते हैं.
जब आप किसी लगातार आते हुए उज्ज्वल प्रकाश की तरफ देखते हैं तब यह फ्लोटर अच्छी तरह देखने लायक होते हैं. जैसे की एक खाली कंप्यूटर स्क्रीन, हिमपात या एक स्पष्ट नीला आकाश.
आपने चमकदार नीले आसमान की तरफ देखते वक़्त छोटे गोलाकार बिन्दुओं को तो देखा ही होंगा. यह एक ऐसी दृश्य घटना है जो की फ्लोटर्स के समान दिखता है लेकिन वास्तव में उससे असंबंधित है. इस दौरान आप जिस चीज़ को अनुभव करते हैं उसे Blue Field Entoptic Phenomenon कहाँ जाता हैं. यहाँ पर जो आप देखते हैं वे फ्लोटर नहीं होते हैं बल्कि रेटिना के माध्यम से प्रकाश दे रही छोटी छोटी खिड़कियाँ होती हैं. वास्तव में इन खिड़कियों का कारण आपकी रेटिना की सतह के साथ केशिकाओं के माध्यम से बढ़ती हुई छोटी छोटी सफेद रक्त कोशिकाए होती हैं. नीले प्रकाश में सफेद रक्त कोशिकाए लाल रक्त कोशिकाओं की तुलना में ज्यादा पारदर्शी होती हैं. जिसकी वजह से हमें नीले आसमान में प्रकाश के छोटे छोटे गोलाकार बिन्दु चलते हुए दीखते हैं.
यह कई बार दिखने में बहुत बड़े भी हो सकते हैं. कई बार उचित परिस्थितियों में आपको एक काले रंग की पूँछ उन बिन्दुओं का पीछा करे हुए भी दिखती हैं. वास्तव में यह आँखों के ल्युकोसैट के पीछे का लाल रक्त कोशिकाओं का एक बड़ा सा गुच्छा होता हैं.
फ्लोटर्स के मामले में, अक्सर हमारा ध्यान ज्यादातर इन पर नहीं जाता हैं, क्योंकि ज्यादातर हमारा दिमाग इन्हें अनदेखा ही करता हैं. लेकिन हाँ, बचपन में आपका ध्यान इन पर जरुर गया होंगा. हालांकि, असामान्य रूप से कई बार बड़े फ्लोटर्स दिखना आपकी आँख के लिए गंभीर हालात का संकेत हो सकता है, जिनको तत्काल चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है.
यह अन्दर से किस तरह दीखते हैं इसका विडियो नीचे हैं.