सिंधु सभ्यता
सिंधु सभ्यता
- सिंधु सभ्यता की खोज रायबहादुर दयाराम साहनी ने की।
- सिंधु सभ्यता को प्रागैतिहासिक अथवा काशी युग में रखा जा सकता है।
- सिंधु सभ्यता पश्चिम में सुतकागेंडोर जो बलूचिस्तान में है तक फैला था।
- पूरब में आलमगीरपुर जो तात्कालिक जिला मेरठ उत्तर प्रदेश तक फैला था।
- उत्तर में मांदा जिला अखनूर जम्मू कश्मीर तक फैला था।
- तथा पश्चिम में दायमाबाद तात्कालिक जिला अहमदनगर महाराष्ट्र तक फैला था।
- लोथल एवं सुतकोतदा सिंधु सभ्यता का बंदरगाह था।
- जुते हुए खेत तथा नक्काशीदार ईंटों के प्रयोग का साक्ष्य कालीबंगन से प्राप्त हुआ।
- अग्निकुंड लोथल और कालीबंगा से प्राप्त हुए हैं।
- सिंधु सभ्यता में मुख्य फसल थी गेहूं और जौं।
- रंगपुर एवं लोथल से चावल के दाने मिले हैं , जिनसे धान की खेती होने का प्रमाण मिलता है । चावल के प्रथम साक्ष्य लोथल से ही प्राप्त हुए हैं।
- आग में पकी हुई मिट्टी को टेराकोटा कहा जाता है।
- मोहनजोदड़ो की खोज सिंधु नदी के पास राखल दास बनर्जी ने 1922 में किया।
- हड़प्पा की खोज रावी नदी के पास दयाराम साहनी ने 1921 में किया।